सोनमती व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की एक एकल खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। मऊ जिले की सोनमती ने हाइकोर्ट के समक्ष याचना की है कि उप संचालक मऊ के पारित आदेश पर रोक लगाई जाए, क्योंकि, याची का मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप संचालक चकबंदी (डीडीसी) से पूछा है कि जब मामले की सुनवाई हाइकोर्ट में चल रही है तो वाद का निस्तारण कैसे कर दिया। हाईकोर्ट ने मामले में चार हफ्ते में उप संचालक चकबंदी को हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है।
विज्ञापन
सोनमती व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की एक एकल खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। मऊ जिले की सोनमती ने हाइकोर्ट के समक्ष याचना की है कि उप संचालक मऊ के पारित आदेश पर रोक लगाई जाए, क्योंकि, याची का मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
बावजूद इसके उप संचालक चकबंदी ने उसके चक आवंटन के मामले में आदेश पारित कर दिया। याची के अधिवक्ता वेणु गोपाल ने तर्क दिया कि जब मामला हाईकोर्ट में लंबित है तो उप संचालक को मामले में कोई आदेश पारित करने का अधिकार नही है। अधिवक्ता ने इस संबंध में सर्वोच्च अदालत के फैसले का हवाला दिया। इस पर कोर्ट ने मामले में उपसंचालक चकबंदी से जवाब दाखिल करने को कहा है।