पीड़िता की गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि पीड़िता कॉलेज परिसर में खड़ी थी। जहां उसे आरोपियों ने पिस्तौल से गोली मार दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। यहां किशोर न्याय बोर्ड ने अपीलार्थी को किशोर घोषित किया। क्योंकि, वह घटना के समय सिर्फ 15 वर्ष, छह महीने और 18 दिन का था।
किशोर न्याय अधिनियम की धारा 12 के तहत अपीलार्थी की ओर से दायर जमानत आवेदन को किशोर न्याय बोर्ड ने खारिज कर दिया। अपीलीय कोर्ट ने खारिज करने के आदेश को बरकरार रखा। इसलिए अपीलीय न्यायालय और किशोर न्याय बोर्ड द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ अपीलार्थी ने मौजूदा याचिका दायर की थी।