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High Court : पीसीएस जे मुख्य परीक्षा मामले की सुनवाई अब चार सितंबर को , 50 कापियों की हुई है अदला बदली

Wed, 28 Aug 2024 11:58 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मुख्य परीक्षा-2022 में 50 अभ्यर्थियों की कॉपियां एक-दूसरे से बदल जाने के मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पांच अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किया है। आयोग ने शनिवार को संशोधित परिणाम जारी कर दिया था। पांच नए सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया है। इन पांच में याचिकाकर्ता श्रवण पांडेय भी शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई अब चार सितंबर को होगी। 
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाईकोर्ट में पीसीएस जे 2022 की मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में गड़बड़ी मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ श्रवण पांडेय की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची ने मुख्य परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई चार सितंबर को करेगी। 

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आरोप लगाया था कि उसकी उत्तर पुस्तिका के कुछ पन्ने फटे हुए हैं व उसकी कॉपी में हैंड राइटिंग बदली हुई। याचिका पर लोकसेवा आयोग ने जवाब दाखिल कर गलत कोडिंग की वजह से 50 अभ्यर्थियों की कॉपी बदले जाने की बात स्वीकार की। आयोग के मुताबिक मानवीय भूल के चलते ऐसा हुआ है। आयोग ने कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कर पांच नए सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया है। इन पांच अभ्यर्थियों में याचिकाकर्ता श्रवण पांडेय भी शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मुख्य परीक्षा-2022 में 50 अभ्यर्थियों की कॉपियां एक-दूसरे से बदल जाने के मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पांच अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किया है। आयोग ने शनिवार को संशोधित परिणाम जारी कर दिया था।

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गलत कोडिंग के चलते बदल गई थीं 50 कॉपियां

यह मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। पीसीएस जे मुख्य परीक्षा की काॅपियों के मूल्यांकन के दौरान एक बंडल पर गलत कोडिंग के कारण उसमें रखीं 50 अभ्यर्थियों की कॉपियां एक-दूसरे से बदल गई थीं। ऐसे में 25-25 अभ्यर्थियों को खाते में एक-दूसरे के नंबर चढ़ गए थे। अभ्यर्थी श्रवण पांडेय ने जब सूचना के अधिकार के तहत अपनी कॉपियां देखीं तो उसमें किसी दूसरे की हैंडराइटिंग थी।

इस पर अभ्यर्थी ने न्यायालय में याचिका दाखिल की और मामला न्यायालय में जाते ही आयोग ने आंतरिक कमेटी से जांच शुरू करा दी थी, जिसमें कॉपियों की अदला-बदली का सच सामने आया। ऐसे में आयोग ने मुख्य परीक्षा में शामिल सभी 3019 अभ्यर्थियों को कॉपियां देखने के लिए आमंत्रित किया और रिजल्ट का परीक्षण भी शुरू करा दिया। इसी आधार पर पांच नए अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए घोषित किया गया है। इंटरव्यू की तिथि फिलहाल निर्धारित नहीं की गई है। 

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कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा परिणाम

यूपीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक हर्षदेव पांडेय के अनुसार मुख्य परीक्षा का संशोधित परिणाम रिट याचिका संख्या-9055/2024 श्रवण पांडेय बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य तथा परीक्षा के संबंध में दाखिल समान प्रकृति की अन्य याचिकाओं में इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।

सिर्फ पांच अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं मामला

कॉपियों की अदला-बदली का मामला सिर्फ पांच अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। आयोग सूत्रों के अनुसार कई ऐसे अभ्यर्थी भी हैं, जो इंटरव्यू में शामिल हुए थे और मुख्य परीक्षा में कॉपियां बदले जाने के कारण उनके अंक घटे और बढ़े थे। इनमें से कुछ अभ्यर्थियों का चयन हो गया और कुछ छंटकर बाहर हो गए। ऐसे में आयोग जब संशोधित अंतिम चयन परिणाम जारी करेगा तो अन्य अभ्यर्थी भी प्रभावित होंगे और उनमें से कुछ मेरिट से बाहर हो सकते हैं और कुछ का चयन हो सकता है।

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