यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि जाजमऊ थाना क्षेत्र के डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा की झोपड़ी में आग लगाने के मामले में कानपुर नगर की एमपी/एमएलए की विशेष अदालत ने इरफान , उसके भाई रिजवान समेत दस को सात साल कारावास की सजा सुनाई थी। सजा को रद्द करने की मांग के साथ इरफान और रिजवान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, प्रदेश सरकार ने सात साल की सजा की नाकाफी बताते हुए उम्रकैद की मांग की है।
हाईकोर्ट ने इरफान और सरकार की अपीलों पर एकसाथ सुनवाई चल रही है। इरफान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी और उपेंद्र उपाध्याय बहस कर रहे है, जबकि सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव और एजीए प्रथम जेके उपाध्याय पक्ष रख रहे है।