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हाईकोर्ट : आपत्तिजनक पोस्ट का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने आरोपी अधिवक्ता को दी जमानत

Wed, 26 Aug 2026 07:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप ग्रुप में शिकायतकर्ता की पत्नी के संबंध में आपत्तिजनक पोस्ट करने और विवाद के दौरान  मारपीट के आरोपी अधिवक्ता  को जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने दिया है। 
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप ग्रुप में शिकायतकर्ता की पत्नी के संबंध में आपत्तिजनक पोस्ट करने और विवाद के दौरान  मारपीट के आरोपी अधिवक्ता  को जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने दिया है। बरेली के थाना बारादरी में शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई 2026 को आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज व धमकी देने सहित अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी ने उसकी पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किया था। इसकी शिकायत करने से उसके घर गए तो उसपर जानलेवा हमला किया गया। साथ ही पत्नी के साथ छेड़खानी की। आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की।

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याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुख्तार आलम ने दलील दी कि आरोपी  अधिवक्ता हैं। मारपीट में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं और याची की मां को भी चोट लगी थी। याची की बहन ने शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है। आपत्तिजनक पोस्ट का रिकॉर्ड नहीं है। सिर की चोट साबित करने वाली कोई पूरक मेडिकल रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर नहीं है।

आरोप लोहे की रॉड से हमला करने का है, जबकि याची की निशानदेही पर डंडे की बरामदगी बताई गई है और इसका कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि कथित आपत्तिजनक पोस्ट का रिकॉर्ड सामने नहीं है और दोनों पक्षों की ओर से चोटें आई हैं। अन्य कई तथ्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जमानत दे दी।

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