प्राथमिकी के अनुसार खान पर केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ और पीएफआई के समर्थन से आरएसएस के खिलाफ युवाओं की भर्ती करने का आरोप लगाया गया है। अलीगढ़ सत्र न्यायालय ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट से गुहार लगाई। उनकी ओर से कहा गया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत नहीं है जो यह दिखा सके कि आवेदक किसी राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल है और न ही उसने किसी भी तरह से किसी समुदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई है। याची 27 सितंबर 2022 से जेल में बंद है। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया लेकिन कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया।