अधिकारियों ने शिकायत पर नहीं दिया ध्यान
जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ के समक्ष अथर्व के अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने कहा कि शराब पीकर हुड़दंग करने वालों से अथर्व न सिर्फ परेशान होता था, बल्कि रास्ते में उसे डर भी लगता था। उसके कहने पर घरवालों ने स्थानीय अधिकारियों से लेकर यूपी सरकार तक कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने परिवार वालों की मदद से जनहित याचिका दाखिल की।
यूपी सरकार की तरफ से दलील दी गई कि यह स्कूल 2019 में खुला है, जबकि शराब का ठेका तकरीबन 30 साल पुराना है। इस पर अदालत ने सरकार से यह बताने को कहा कि स्कूल खुलने के बाद साल दर साल शराब के ठेके का नवीनीकरण कैसे हो रहा है। कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का वक्त दिया है।