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UP : हाईकोर्ट ने गरीब आरोपी को भरी मुचलके में दी छूट, जमानत आदेश के बाद भी दो साल से जेल में बंद था गरीब आरोपी

Wed, 09 Aug 2023 05:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची के खिलाफ फतेहपुर जिले के थाना हुुसैनगंज में गौहत्या के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। 2021 में ही पुलिस ने याची को जेल भेज दिया था। हाईकोर्ट ने वर्ष 2022 में याची की जमानत मंजूर कर ली थी। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर याची जमानत की शर्तों को अनुपालन में भारी रकम की जमानत न दे पाने के कारण अब तक जेल में बंद है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत आदेश पाने के बाद भी दो साल से जेल में बंद एक गरीब आरोपी की जमानत की शर्तों में छूट प्रदान करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने याची आफताब की ओर से हाईकोर्ट द्वारा पारित जमानत आदेश के संशोधन की अर्जी पर पारित किया।

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याची के खिलाफ फतेहपुर जिले के थाना हुुसैनगंज में गौहत्या के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। 2021 में ही पुलिस ने याची को जेल भेज दिया था। हाईकोर्ट ने वर्ष 2022 में याची की जमानत मंजूर कर ली थी। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर याची जमानत की शर्तों को अनुपालन में भारी रकम की जमानत न दे पाने के कारण अब तक जेल में बंद है। जेल प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि आर्थिक तंगी के कारण याची जमानत पर रिहा नहीं हो सका है।

याची की ओर से पेश एमिकस क्यूरी ने सुखारी उर्फ सोबराती के मामले में पारित के आधार पर जमानत की राशि कम करने का अनुरोध किया।
कोर्ट ने संशोधन की अर्जी को स्वीकार करते हुए आर्थिक तंगी के चलते दो साल से मुचलका न भर पाने की वजह से जेल में बंद आरोपी को मात्र दस हजार रूपयें की जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।

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