इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के थाना कैंट में दर्ज प्राथमिकी में दहेज हत्या आरोपी ननद को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई हो चुकी है और वह 10 हजार की इनामिया है। इसलिए याची को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजवीर सिंह ने लाडली सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
इसके पहले याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची को इस मामले में गलत फंसाया गया है। इस घटना से उसका कोई लेना.देना नहीं है। घटना के समय वह अस्पताल में भर्ती थी। उसकी शादी 15-16 वर्ष पहले हो गई थी। वह घटनास्थल से दूर पुडूचेरी में रहती है। हालांकि सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि याची, मृतक की ननद है और उसकी पूरी भूमिका है। वह बीते तीन-चार वर्षों से फरार चल रही है।
निचली अदालत से उसके खिलाफ 82और 83 की कार्रवाई भी हो चुकी है। लिहाजा अग्रिम जमानत अर्जी खारिज किए जाने योग्य है। इस पर कोर्ट ने याची को निचली अदालत के समक्ष समर्पण करने का निर्देश दिया।साथ ही निचली अदालत से कहा कि याची नियमित जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करती है तो उस पर जल्दी सुनवाई पूरी कर विधि के अनुसार आदेश पारित करें।