सात मई से शुरू होगी स्वगणना, होगी सहूलियत
मकानों के सूचीकरण व गणना से पहले सात मई से 21 मई तक ऑनलाइन स्वगणना होगी। इसके तहत लोग खुद सवालों के जवाब देकर स्वगणना कर सकेंगे। इसमें वही सवाल होंगे, जो प्रगणक मकानों की गणना के दौरान पूछेगा। स्वगणना करने वाले को ओटीपी नंबर मिलेगा और जब प्रगणक गणना के लिए घर पहुंचेगा तो ओटीपी नंबर से ऑनलाइन दिए गए जवाबों का सत्यापन करेगा। इससे आम लोगों व प्रगणक को सहूलियत होगी और समय की बचत होगी, साथ ही मकानों की गणना समय से पूरी होगी। स्वगणना करने वालों को प्रगणक के घर आने पर पूर्व में भरी गई एंट्री में संशोधन कराने का मौका भी मिलेगा।
इंटरनेट व गैस कनेक्शन की भी देनी होगी जानकारी
मकानों की गणना के दौरान घर के मुखिया से 33 तरह के सवाल पूछे जाएंगे। घर की फर्श और छत कैसी है, जैसे सवालों से लेकर यह भी पूछा जाएगा कि घर में इंटरनेट कनेक्शन है या नहीं, रसोई गैस का कनेक्शन कौन सा है, टीवी है या नहीं, बेसिक फोन इस्तेमाल करते हैं या नहीं। इस तरह के कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे।
‘मकानों के सूचीकरण और गणना में मकान नंबर की क्रम संख्या आड़े नहीं आएगी। प्रत्येक प्रगणक को एक निश्चित दूरी तक 100 से 120 मकानों की गणना की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो उन्हें एक माह में पूरी करनी है।’ - विनीता सिंह, जिला जनगणना अधिकारी