इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीवन बीमा निगम को एक सेवानिवृत्त 72 वर्षीय कर्मचारी की ग्रेच्युटी और भविष्य निधि के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने भगवत सिंह की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीवन बीमा निगम को एक सेवानिवृत्त 72 वर्षीय कर्मचारी की ग्रेच्युटी और भविष्य निधि के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने भगवत सिंह की याचिका पर दिया है। कानपुर निवासी भगवत सिंह की सेवाएं 2001 में समाप्त कर दी गई थीं। उन्होंने ग्रेच्युटी और भविष्य निधि के लिए संबंधित विभाग को कई पत्र भेजे लेकिन उन पर विचार नहीं किया है। ऐसे में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
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कोर्ट ने याची को आदेश से 10 दिनों के भीतर दस्तावेजों और पूर्व में प्रस्तुत किए गए आवेदनों के साथ जोनल मैनेजर, जीवन बीमा निगम, जोन कार्यालय कानपुर नगर के समक्ष एक नया आवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि आवेदन प्राप्त होने पर जोनल मैनेजर दो सप्ताह में याचिकाकर्ता की सेवा से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 30 सितंबर तक कानून के अनुसार सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए आवेदन पर विचार करेंगे।