इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चेन स्नेचर के तौर पर मिर्जापुर निवासी याची का फोटो सार्वजनिक करने पर नाराजगी जताते हुए वहां के पुलिस अधीक्षक और कछवां के एसएचओ से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चेन स्नेचर के तौर पर मिर्जापुर निवासी याची का फोटो सार्वजनिक करने पर नाराजगी जताते हुए वहां के पुलिस अधीक्षक और कछवां के एसएचओ से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने भोनू सिंह की याचिका पर दिया है।
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याची के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि जब वह नाबालिग था, तब उसपर एक मुकदमा दर्ज था। उस पर चेन स्नेचिंग की कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। इसके बाद भी याची का फोटो चेन स्नेचर के रूप में पुलिस की ओर से सार्वजनिक कर दिया गया। इससे उसके मान-सम्मान को ठेस पहुंची है।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर किन एफआईआर के आधार पर याचिकाकर्ता की तस्वीर को चेन स्नेचर के रूप में सार्वजनिक किया गया है। कोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (अनुपालन) को निर्देश दिया है कि इस आदेश को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मिर्जापुर के माध्यम से संबंधित पुलिस अधिकारियों तक 72 घंटों के भीतर पहुंचाया जाए। मामले की अगली सुनवाई आठ अप्रैल 2026 को होगी।