कई तारीखों पर सुनवाई को टलवाता रहा
17 जुलाई 2019 को अलीगढ़ जिला जेल से कोर्ट में पेश किया गया तो जवाब के लिए फिर समय मांगा। 23 अक्तूबर 2019 को भी जवाब दाखिल करने का फिर एक बार मौका दिया गया। एक अक्तूबर 2020 को वकील ने बताया कि आरोपी जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
छह हफ्ते का समय मांगा। फिर भी जवाब नहीं दिया तो कोर्ट ने 28 जनवरी 2021 को जमानती वारंट जारी किया। विक्रम के वकील ने आदेश वापस लेने की अर्जी दी। इसके बाद कई तारीखों पर सुनवाई टलवाता रहा। नवंबर 2021 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
छह जनवरी 2022 को कार्यालय रिपोर्ट में बताया गया कि दिए गए पते से लापता है। इस पर कोर्ट ने जिला जज को सीजेएम के जरिए सर्विस रिकार्ड में दर्ज पते पर तलाश कर तीन हफ्ते में जानकारी देने का निर्देश दिया। एसएसपी को भी निर्देश दिया गया कि गिरफ्तार कर तीन फरवरी 2022 को पेश करें।
इसके बावजूद विक्रम न तो एसएसपी के पास हाजिर हुआ और न ही कोर्ट में पेश हुआ। दिल्ली में अपने वकील के चेंबर से वीडियो कांफेंसिंग के जरिए हाजिर हुआ। कोर्ट ने कहा कि विक्रम जानबूझकर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहा है।