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High Court : तीसरे पक्ष की ओर से दायर शिकायत कानूनी रूप से मान्य नहीं, हाईकोर्ट ने रद्द किया समन आदेश

Thu, 29 Jan 2026 03:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में कहा कि किसी भी तीसरे पक्ष या अजनबी व्यक्ति की ओर से दायर शिकायत कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में कहा कि किसी भी तीसरे पक्ष या अजनबी व्यक्ति की ओर से दायर शिकायत कानूनी रूप से मान्य नहीं है। एनआईए एक्ट के तहत केवल चेक का आदाता (पेयी) या धारक ही कानूनी कार्यवाही शुरू कराने का पात्र है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने जारी समन आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने दिया।

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कानपुर निवासी राजेश कुकरेजा की ओर से होटल पैराडाइज के पक्ष में दो-दो लाख के 11 चेक जारी किए गए थे, जो बाउंस हो गए। इसके बाद मेसर्स कृष्णा होटल्स एंड डेवलपर्स की पार्टनर सरोज दुबे ने अनादर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। ट्रायल कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए समन जारी कर दिया। याची ने हाईकोर्ट में समन आदेश को चुनौती दी।


याची अधिवक्ता ने दलील दी कि जिसके नाम चेक जारी हुआ है, वही शिकायत करने का अधिकारी है। इस मामले में चेक धारक ने शिकायत नहीं की है। ऐसे में समन आदेश रद्द किया जाना चाहिए। वहीं, प्रतिवादी अधिवक्ता ने दलील दी कि होटल पैराडाइज मेसर्स कृष्णा होटल्स की एक यूनिट है। ऐसे में दायर शिकायत मान्य है और समन आदेश वैध है।
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कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि सरोज दुबे (मेसर्स कृष्णा होटल्स) के पास इस मामले में शिकायत दर्ज करने का कानूनी अधिकार नहीं था, क्योंकि चेक उनके नाम पर नहीं थे। इस आधार पर कोर्ट ने कानपुर नगर के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से 26 जुलाई 2013 को जारी किए गए समन आदेश को रद्द कर दिया और आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया।
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