यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता व न्यायमूर्ति मनीष निगम की खंडपीठ ने घोसी निवासी पंकज पांडेय की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता चंद्रकांत त्रिपाठी ने बहस की। दलील है कि फोरलेन सड़क के लिए जमीन ली गई। लेकिन, मुआवजा नहीं दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कृषि भूमि को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहीत करने के बाद मुआवजे का भुगतान न करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार व प्राधिकरण से जानकारी मांगी है। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 13 सितंबर नियत की है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता व न्यायमूर्ति मनीष निगम की खंडपीठ ने घोसी निवासी पंकज पांडेय की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता चंद्रकांत त्रिपाठी ने बहस की। दलील है कि फोरलेन सड़क के लिए जमीन ली गई। लेकिन, मुआवजा नहीं दिया गया। याची डीएम कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थककर हार गया। तत्पश्चात मुख्य सचिव उप्र शासन व कमिश्नर आजमगढ़ मंडल से भी गुहार लगाई। लेकिन, जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो याचिका दाखिल की है।