याची का कहना था कि कोई घटना हुई ही नहीं। आठ साल पहले नाबालिग पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्राथमिकी व 161 के बयान में विरोधाभास था। एफआईआर में कहा गया कि 2012 में शारीरिक संबंध बनाए गए। सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दिए बयान में कहा कि वर्ष 2013 में शारीरिक संबंध बनाए गए। एफआईआर 11 मार्च 2019 को दर्ज कराई गई। 28 मार्च 2019 को मेडिकल जांच में पीड़िता की आयु 18 वर्ष बताई गई।