इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया कार्यालय में ठेके के आवंटन में अनियमितता के दोषी अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की जिलाधिकारी बलिया से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि यदि कार्रवाई रिपोर्ट पेश नहीं की गई तो कोर्ट गंभीर रुख अपनाने को बाध्य होगी।
याचिका की सुनवाई 12 नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने हरेंद्र नाथ त्रिपाठी की अवमानना याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अवमानना कार्रवाई करने से पहले सरकार को जानकारी लेने का अवसर दिया जाना चाहिए, इसलिए याची अधिवक्ता याचिका की प्रति सरकारी वकील को दे और वह आदेश के पालन पर जानकारी उपलब्ध कराएं।
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सीएमओ कार्यालय में अनियमितता की जांच रिपोर्ट में घपले के दोषी अधिकारियों पर 6 माह में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इससे पहले याची ने जिलाधिकारी बलिया से शिकायत की थी कि बिना टेंडर काम कराकर धन की बंदरबांट कर ली गई, जिसकी जांच कमेटी द्वारा की गई।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि की। इसके बावजूद अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश का जिलाधिकारी अदिति सिंह ने पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ यह अवमानना याचिका दायर की गई है।