मामले में जूनियर वारंट ऑफिसर सतीश चंद्र शुक्ला व तीन अन्य ने याचिका दाखिल कर पीसीएस-2021 की घोषित प्रारंभिक परीक्षापणिाम को चुनौती दी थी। कहा गया था कि यूपी सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बावजूद पूर्व सैनिको को इस भर्ती परीक्षा में आरक्षण नहीं दिया गया।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सुनवाई कर अपने आदेश में प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को रद्द करते हुए नए सिरे से परिणाम जारी करने का आदेश दिया था। आयोग ने इस आदेश को चुनौती देते हुए विशेष याचिका दाखिल की है।
बुधवार को मामले में कोर्ट के समक्ष मामला पहुंचा तो प्रतिवादियों की ओर से उपस्थित अधिवक्ता एबीएन त्रिपाठी ने तर्क दिया कि आयोग उन्हें सही तरीके से सूचना नहीं दी। नियम के मुताबिक आयोग को पहले नोटिस देनी चाहिए। आयोग ने जो नोटिस दी वह केवल चार पन्ने की है। जबकि ,खंडपीठ केसामने 186 पेज की याचिका पेश है। यह गलत है। इस पर कोर्ट ने आयोग पर नाराजगी जाहिर की और मामले की सुनवाई को बुधवार को टालते हुए 16 अगस्त की तिथि तय कर दी।