तथ्यों के मुताबिक याची की चेकबुक खो गई थी। ठेकेदार को मिली तो उसने आठ लाख, 50 हजार रुपये का चेक भरकर बैंक में जमा किया। चेक अनादर होने पर केस दाखिल किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के सिंचाई विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत प्रभु नारायण राम को चेक अनादर मामले में दो साल की सजा और नौ लाख रुपये जुर्माने के आदेश पर रोक लगा दी और शिकायत कर्ता ठेकेदार रणवीर सिंह को नोटिस जारी कर राज्य सरकार और मामले से जुड़े पक्षकारों से जवाब मांगा है।
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तथ्यों के मुताबिक याची की चेकबुक खो गई थी। ठेकेदार को मिली तो उसने आठ लाख, 50 हजार रुपये का चेक भरकर बैंक में जमा किया। चेक अनादर होने पर केस दाखिल किया गया। मामले में निचली अदालत ने 2018 में दो साल की सजा और नौ लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया। सत्र न्यायालय ने भी वही सजा बहाल रखी। जिसे हाइकोर्ट में चुनौती दी गई। मामले में अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी।