प्रदेश भर के कई जिलों में जिला उपभोक्ता फोरम के रिक्त पदों को भरने के बारे में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। इसे लेकर दाखिल याचिका में पदों के भरे जाने तक कार्यरत रहे सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की गई है। याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है और पूछा है कि खाली पदों को समय से क्यों नहीं भरा गया तथा कब तक खाली पदों को भरा जाएगा।
कोर्ट ने राज्य सरकार को समयबद्ध कार्य योजना के साथ बताने को कहा है कि नियुक्ति की क्या स्थिति है? कब तक खाली पदों को भरा जा सकेगा? याचिका की सुनवाई 23 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कानपुर के अधिवक्ता गुरविंदर सिंह की याचिका पर दिया है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र व सीएल वर्मा ने बहस की। याची का कहना है कि जिला उपभोक्ता फोरम में अधिकांश पद खाली पड़े हैं। सरकार ने आठ मई 20 को भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं की जा सकी है। याची अधिवक्ता का कहना है कि पद रिक्त होने से छ: महीने पहले नियुक्ति प्रक्रिया खत्म कर लेनी चाहिए।
अधिकांश सदस्यों एवं कुछ जिलों के अध्यक्ष के पद खाली पड़े हैं। फोरम कार्य नहीं कर पा रहा है, इसलिए जब तक नई नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक पुराने सदस्यों को काम करने दिया जाए।