मामला आजमगढ़ के फूलपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 1998 में बसपा नेता समेत तीन बसपा नेताओं पर हत्या के प्रयास और विरोधी दल के कार्यकर्ताओं पर गोली चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। एफआईआर में नामजद नेताओं के अलावा तीस चालीस अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 साल पुराने हत्या के प्रयास समेत कई अन्य संगीन धाराओं में दर्ज मामले में बसपा नेता फजलुर्रहमान की जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने उन्हें बेल बॉन्ड दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने बसपा नेता की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए दिया।
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मामला आजमगढ़ के फूलपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 1998 में बसपा नेता समेत तीन बसपा नेताओं पर हत्या के प्रयास और विरोधी दल के कार्यकर्ताओं पर गोली चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। एफआईआर में नामजद नेताओं के अलावा तीस चालीस अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया था।
इस मामले के सह अभियुक्त आजमगढ़ के पूर्व सांसद रमाकांत यादव, सूर्य प्रकाश यादव, राम सूरत यादव, राम सेवक चौहान, रामकेवल यादव, योगेंद्र कुमार व अरशद को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस मामले में बसपा नेता जून 2023 से निरुद्ध है। हाईकोर्ट ने प्रार्थी फजलुर्रहमान को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।