बता दें कि निवेशक काैशल सिंह ने पुलिस को बताया था कि सिविल लाइंस में निहारिका वेंचर्स नाम की कंपनी है। यह कंपनी रियल एस्टेट और शेयर बाजार में लोगों का पैसा निवेश कराती है। लालच दिया जाता है कि हर महीने पांच से छह फीसदी मुनाफा दिया जाएगा।
इसी लालच में फंसकर करीब 70 से 80 लोगों ने लाखों रुपये निवेश किए थे। मालिकों का कहना था कि चुनाव के कारण पैसे देने में देरी हो रही है। चुनाव खत्म होते ही सभी के पैसे लाैटा दिए जाएंगे। लेकिन, इस बीच पता चला कि कंपनी ने अपना ऑफिस बंद कर दिया।
निहारिका की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
पुलिस ने निहारिका को दबोचने के लिए गोविंदपुर स्थित घर से लेकर अयोध्या तक दबिश दी लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तार नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को निहारिका की लोकेशन पता चल गई है। बताया गया कि उसपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। वहीं, पुलिस जांच में पता चला था कि निहारिका वेंचर्स के एमडी आरोपी अभिषेक ने ठगी के पैसों से पार्टनर के साथ मिलकर अयोध्या, नोएडा समेत अन्य जगहों पर करोड़ों रुपये की जमीन की डील की थी।