बंदी रक्षकों की प्रोन्नति सूची पर सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज। मुख्य बंदी रक्षक पद पर कनिष्ठ को प्रोन्नत करने की वैधता की चुनौती याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने ललितपुर जिला जेल में बंदी रक्षक वृंदावन पाल की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि वह 1995 में बंदी रक्षक नियुक्त किया गया। जेल अधीक्षक, जेल प्रशासन एवं सेवा सुधार उत्तर प्रदेश लखनऊ ने प्रोन्नति सूची जारी की है। इसमें याची को शामिल नहीं किया गया है। याची से कनिष्ठ वीके पांडेय सहित कई लिस्ट में शामिल हैं। याची को वरिष्ठ होने के बावजूद प्रोन्नति सूची में शामिल नहीं किया गया है। उसके प्रोन्नति पाने के अधिकारों का हनन किया जा रहा है, उसकी प्रोन्नति पर विचार नहीं किया गया।