इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी प्रयागराज के वरिष्ठ सहायक व कर्मचारी संघ के सचिव का सिद्धार्थनगर तबादला करने के आदेश पर रोक लगा दी है और सचिव प्रशिक्षण एवं सेवायोजन उप्र लखनऊ को तबादला नीति के तहत दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि तबादला आदेश पर तीन माह या सचिव के निर्णय लेने तक अमल नहीं किया जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने अनिल कुमार पांडेय की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ त्रिपाठी ने बहस की।
उनका कहना था कि तबादला नीति खंड 13 के अनुसार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष व सचिव का दो वर्ष तक तबादला नहीं हो सकता। यदि जरूरी है तो उच्च अधिकारी का अनुमोदन लिया जाना जरूरी है। याची कर्मचारी संघ का प्रदेश सचिव है। निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन ने 15 जुलाई 21 को बिना अनुमोदन लिए याची का नीति के विपरीत तबादला कर दिया है। कोर्ट ने याची को दो हफ्ते में सचिव को प्रत्यावेदन देने और दो माह में सचिव को नीति के तहत निर्णय लेने का निर्देश दिया है।