मामले की सुनवाई शेखर कुमार यादव की एकल खंडपीठ कर रही है। जबकि, इसके पहले सुनवाई दूसरी खंडपीठ कर रही थी। याची केअधिवक्ता दिवाकर तिवारी ने कोर्ट को बताया कि निचली अदालत ने याची के खिलाफ सजा सुना दी है।
अलीगढ़ के विधायक संजीव राजा की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। विधायक ने निचली अदालत केफैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर उसे रद्द करने की मांग की है। विधायक का कहना है कि उन्हें जो सजा दी गई है वह गलत है। मामले में कोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
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मामले की सुनवाई शेखर कुमार यादव की एकल खंडपीठ कर रही है। जबकि, इसके पहले सुनवाई दूसरी खंडपीठ कर रही थी। याची केअधिवक्ता दिवाकर तिवारी ने कोर्ट को बताया कि निचली अदालत ने याची के खिलाफ सजा सुना दी है। उन्हें विभिन्न अपराधों में दोषी पाते हुए जुर्माने केसाथ दो वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा दो वर्ष से कम होने के कारण निचली अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी।
इसके बाद विधायक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। याचिका में उन्होंने जमानत की मांग की थी। कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है। जबकि, निचली कोर्ट के फैसले पर अभी सुनवाई चल रही है। याची के अधिवक्ता का तर्क है कि याची विधायक है। उत्तर प्रदेश के चुनाव नजदीक हैं। उनके खिलाफ राजनीति विद्वेष से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। कोर्ट ने याची के आपराधिक विवरण की जानकारी मांगी और मामले की सुनवाई के लिए पांच जनवरी 2022 की तिथि तय की है।