याची के अधिवक्ता राघव देव गर्ग का कहना था कि गिरफ्तार करते वक्त सुप्रीमकोर्ट द्वारा अर्नेस कुमार के मामले में स्थापित विधि व्यवस्था का पालन नहीं किया गया। याची की गिरफ्तारी अवैधानिक है। इसलिए याची ने जीएसटी की धारा 69 की वैधानिकता को भी चुनौती देते हुए इस धारा को असंवैधानिक घाेषित करने मांग भी की है।
कोर्ट ने याची द्वारा धारा 69 की वैधानिकता को चुनौती देने वाले आधारों को विचारणीय मानते हुए याची की जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने यह आदेश भी दिया है कि निचली अदालत याची को रिहा करने के लिए एक करोड़ का निजी बांड और इतनी ही धनराशि की दो जमानतें दाखिल करवाए।