महाकुंभ को भव्य-नव्य और दिव्य बनाने के लिए आतिथ्य सत्कार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी है। इसके लिए महाकुंभ पहुंचने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मुख्य मार्गों पर बेहतर सुविधाएं देने के लिए ढाबों, रेस्टोरेंट और होटल्स को नया स्वरूप दिया जा रहा है।
विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में छह माह बाद आयोजित होने वाले महाकुंभ के जरिये सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने की योजना है। इसके लिए राजमार्गों से जुड़े होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट स्मार्ट बनाए जाएंगे। ऐसे होटल-रेस्टोरेंट को सरकार नया स्वरूप देने में जुट गई है।
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महाकुंभ को भव्य-नव्य और दिव्य बनाने के लिए आतिथ्य सत्कार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी है। इसके लिए महाकुंभ पहुंचने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मुख्य मार्गों पर बेहतर सुविधाएं देने के लिए ढाबों, रेस्टोरेंट और होटल्स को नया स्वरूप दिया जा रहा है। महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव हो, इसके लिए प्रमुख ढाबों, रेस्टोरेंट और होटल्स को स्मार्ट बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
इसके लिए अब तक 75 होटल उद्यमियों का चयन किया गया है। इनमें प्रयागराज-लखनऊ, कानपुर- प्रयागराज, रीवा -प्रयागराज, चित्रकूट -प्रयागराज, मिर्जापुर-प्रयागराज और वाराणसी- प्रयागराज में पड़ने वाले ढाबे, रेस्टोरेंट और होटल शामिल हैं। इनमें बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। ऐसे में इनमें किचन, सिटिंग एरिया और पार्किंग स्थल को नया स्वरूप दिया जाएगा।