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Prayagraj : शास्त्री पुल पर तीसरे दिन भी लगा रहा भीषण जाम, कड़ी धूप में रेंगते रहे वाहन

Thu, 14 Mar 2024 03:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

देर शाम राहगीरों की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग ने उस जगह को लाल झंडे से घेर दिया है। दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम खराबी दूर करेगी। बृहस्पतिवार को जाम के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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शास्त्री पुल की मरम्मत करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज-वाराणसी को जोड़ने वाले शास्त्री पुल की दक्षिणी लेन में मंगलवार को खराबी आ गई थी। 57 साल पुराने पुल के 28वें नंबर के पिलर की बेयरिंग खिसक गई है, जिससे दो पायों के बीच करीब तीन इंच का गैप आ गया है। देर शाम राहगीरों की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग ने उस जगह को लाल झंडे से घेर दिया है। दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम खराबी दूर करेगी। बृहस्पतिवार को जाम के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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इस दौरान पुल के दक्षिणी लेन से भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाराणसी की ओर से आने वाले लोगों को शहर पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज की बसों के अलावा बड़े वाहन सहसों से फाफामऊ होते हुए शहर में पहुंच रहे हैं।
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करीब नौ माह पहले ही लाखों रुपये खर्च करके शास्त्री पुल की दक्षिणी लेन की सड़क की मरम्मत कराई गई थी। हालांकि, इस लेन पर वाहनों के भारी दबाव के कारण अक्सर पिलरों में समस्या आ जाती है। महाकुंभ से पहले भी ऐसी समस्याओं से पार नहीं पाया जा सका है। मंगलवार की शाम को इसकी दक्षिणी लेन के 28 वें नंबर पिलर में करीब तीन इंच का गैप देखा गया। इसकी बेयरिंग अपनी जगह से खिसक गई है।

राहगीरों की सूचना पर शाम छह बजे गैप वाली जगह को लाल झंडे का घेरा बनाकर बंद किया गया। हालांकि देर रात तक प्रभावित लेन में यातायात नहीं बंद किया गया था। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता राजेश कुशवाहा ने दक्षिणी लेन के 28वें नंबर के पिलर की बेयरिंग खिसकने की पुष्टि की। बताया कि बुधवार को दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। काम के समय कुछ देर के लिए दक्षिणी लेन से भारी वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी। खराबी ठीक होने में तीन से चार घंटे लग सकते हैं।
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57 वर्ष पुराना है शास्त्री सेतु

वर्ष 1966-67 के आसपास इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग के बीच झूंसी में गंगा पर पुल की नींव रखी गई थी। इस पुल को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का नाम दिया गया है। प्रयागराज और झूंसी के बीच गंगा पर पुल के निर्माण का जिम्मा तब कोलकाता की जोशी एंड कंपनी को दिया गया था। सात साल काम करने के बाद कंपनी पुल के निर्माण को अधूरा छोड़ कर चली गई। इसके बाद ब्रिज कारपोरेशन ऑफ इंडिया ने निर्माण को पूरा किया।
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