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Bawandar In Pratapgarh : चार मिनट के बवंडर ने 12 गांवों में मचाई तबाही, किसान की मौत, पांच घायल

Sat, 20 Aug 2022 08:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शनिवार को दोपहर करीब ढाई बजे भारी बवंडर से तबाही मच गई। रानीगंज के सरायसेतराय दुर्गागंज के समीप आए चक्रवाती तूफान ने अफरातफरी मची रही। दीवार ढहने से रामबहादुर यादव (55) की मौत हो गई।
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Pratapgarh News : बवंडर से मची रही अफरातफरी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रानीगंज इलाके में शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आए बवंडर ने भारी तबाही मचा दी। चार मिनट के भीतर ही बारह गांवों में सौ से अधिक घर और टीनशेड धराशायी हो गए। जगह-जगह बिजली के पोल व पेड़ उखड़ गए। चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि छह पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 

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चक्रवाती तूफान ने अमहटा, सवैया, बरहदा, टोडरपट्टी, सरायसेतराय, जयरामपुर, कसेरूआ, नहरहरपुर, खमपुर दुबेपट्टी, गुलरा, दयालपुर में जमकर तबाही मचाई। इसकी चपेट में आने से कसेरूआ गांव निवासी रामबहादुर यादव (55) की मौत हो गई। गोशाला पर पेड़ गिरने से वह नीचे दब गए। 



प्रतापगढ़ में बवंडर से गिरे पेड़ से क्षतिग्रस्त हुआ वाहन। - फोटो : अमर उजाला।
कसेरूआ गांव के ही इस्माल अहमद ( 80) बुग्गी लेकर दुर्गागंज बाजार आए थे। टिनशेड गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। खमपुर दूबेपट्टी गांव निवासी बृजनाथ दुबे (45) के ऊपर दीवार गिर पड़ी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।दुर्गागंज निवासी साधु मोदनवाल ( 32) टिनशेड की चपेट में आकर घायल हो गए। सरायसेतराय गांव की प्रधान हीरावती  (35) के ऊपर टिनशेड गिर गया। 


कशेरूआ गांव के अगनु पटेल भी टिनशेड की चेपट में आने से घायल हो गए। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। तूफान शांत होने के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के निर्देश के बाद राजस्वकर्मियों ने गांवों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। देर शाम तक गांवों में राजस्व विभाग की टीम आपदा से हुई क्षति का आकलन करती रही। रानीगंज एसडीएम संगमलाल ने बताया कि चक्रवात के चलते 48 घर ढहे हैं। पचास लाख का नुकसान हुआ है। 

प्रतापगढ़ में बवंडर से ध्वस्त हुआ कच्चा मकान। - फोटो : अमर उजाला।
इन लोगों के ढहे मकान 
चार मिनट के चक्रवात में सौ से अधिक कच्चे-पक्के मकान और टिनशेड ढह गए। किसी का बरामदा धाराशायी हुआ तो किसी की छत। उजड़ी गृहस्थी देख लोग बिलखते रहे। कशेरुआ के  राजेश यादव, पप्पू यादव, कशेरूआ गांव के रामकिशोर विश्वकर्मा, अख्तर अहमद, रमेश कुमार कश्यप, जयरामपुर गांव के अशफाक, अल्ताफ, वसीम, सलमान, नितिन सोनी, जावेद अहमद, मेहदी हसन, दुर्गागंज बाजार के हसन, अब्दुल समद, जुबैद, मो कयूम, मो. नईम, गंगा प्रसाद केसरवानी, चुन्नू, अकील अहमद, नूर मोहम्मद, अयाम अंसारी, नियाज अंसारी, इशरार अहमद, लल्लू, गंगा, संजय सोनी, सरायसेतराय गांव के कमलेश सोनी, जमुना पिंटू, अजय, रमेश मोदनवाल, नसीम अहमद, शांति देवी के मकान क्षतिग्रस्त हो गए।


तीन सौ किमी प्रति घंटे थी चक्रवात की रफ्तार
तूफानी चक्रवात की रफ्तार देख लोग सिहर उठे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि चक्रवात की वजह से उथल-पुथल मच गई। चक्रवात की रफ्तार करीब तीन सौ किमी प्रति घंटे से अधिक थी। आमतौर ऐसा कम देखने को मिलता है।

प्रतापगढ़ में बवंडर से ध्वस्त हुआ मकान। - फोटो : अमर उजाला।
कौशाम्बी : 30 सेकेंड के चक्रवात ने मेड़ुवा सलेमपुर में मचाई तबाही

सदर तहसील के मेड़ुवा सलेमपुर गांव में शनिवार दोपहर महज 30 सेकेंड के चक्रवात ने भारी तबाही मचाई। तूफान के कारण 13 घर ढह गए और कई लोगों के यहां पड़े टिनशेड व छप्पर उड़ गए। बिजली के पोल व पेड़ भी उखड़ गए। हालांकि, घटना में किसी तरह जनहानि नहीं हुई है।


 मेड़ुवा सलेमपुर गांव निवासी शिक्षक ध्यान सिंह पटेल का कहना था दोपहर से ही आसमान में काले बादल छाने लगे थे और तेज हवा चल रही थी। गांव वालों के सामने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं दिखा था। अनजाने खौफ के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। दोपहर करीब 3.12 बजे अचानक बवंडर शुरू हो गया। छप्पर व टिनशेड उड़ने लगे। पेड़ की डालियां टूटकर गिरने लगी। इसे लेकर गांव में अफरातफरी मच गई। लोग यहां-वहां जान बचाकर दुबके थे। करीब 30 सेकेंड बाद चक्रवात तो थमा, लेकिन तेज हवा फिर भी चल रही थी।


देखते ही देखते बादल साफ हुआ तो लोगों ने राहत महसूस की। इसके बाद गांव में हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा था। गांव के फूल सिंह का दो मंजिला घर धराशायी हो गया था। इसके अलावा लालमन, बड़ेलाल, जज्जू, घनश्याम, भोंदल, जुग्गी, राम औतार, रमेश प्रसाद, बाबूलाल, इंद्रजीत, तुलसीराम और शिवसागर के कच्चे घर भी गिर गए। घर गिरने के कारण अंदर रखी गृहस्थी भी नष्ट हो गई।
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प्रतापगढ़ में बवंडर के दौरान गिरे पेड़ से दबकर क्षतिग्रस्तु हुई स्कॉर्पियो। - फोटो : अमर उजाला।
हवा में उड़ी तख्त, कांपे परिजन
मेड़ुवा सलेमपुर गांव निवासी शिक्षक ध्यान सिंह बताते हैं कि उन्होंने अपनी बोलेरो को खड़ा करने के लिए घर के बाहर टिनशेड डाला है। ध्यान सिंह का कहना है घर के बरामदे में तख्त पड़ी थी। बवंडर के दौरान बरामदे में रखी तख्त हवा के झोंके के साथ उड़ी और गैरेज में खड़ी बोलेरो को ऊपर जा गिरी। इसके अलावा कई टिन भी उड़ गए।

पांच सौ घरों की बत्ती गुल, परसा अंधेरे
मेड़ुआ सलेमपुर गांव में आया चक्रवात बिजली संकट पैदा कर गया। चक्रवात के कारण बिजली के छह पोल टूटकर गिर गए हैं। इसकी वजह से पांच सौ की आबादी वाले गांव में अंधेरा पसरा है। इस गांव को गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति दी गई है। पॉवर हाउस के जेई कपिल त्रिपाठी का कहना है पोल टूटने की ग्रामीणों ने जानकारी दी है। रविवार सुबह गांव में टीम भेजकर हकीकत का पता लगाया जाएगा।
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