क्षेत्र में बुधवार को आई तेज आंधी के बाद शुक्रवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज तल्ख हो गया। शुक्रवार की सुबह हवाओं की सुस्ती से चिलचिलाती धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर में तपिश इस कदर बढ़ी कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग ने लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
शुक्रवार को सुबह से ही सूरज आग का गोला बना था। तेज धूप से बढ़ी तपिश से बादलों की आवाजाही ने कुछ राहत दिलाई। इसके बाद बाद फिर चटक धूप के बीच गर्म हवाएं शरीर के खुले हिस्सों में नश्तर की तरह चुभती रहीं। दोपहर में सड़कें भट्ठी की तरह तपती रहीं। छुट्टी के समय रिक्शा-ट्रॉली में बच्चों के चेहरे लाल दिखे। पसीना उनके माथे पर साथ नजर आया।
अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साफ है कि अब रात में भी तपिश परेशानी का कारण बन रही है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. शैलेष राय के अनुसार आने वाले दिनों में उमस भरी गर्मी लोगों के पसीने छुड़ाएगी। छह दिनों तक तापमान में वृद्धि के आसार हैं।
आमतौर पर ऐसा मौसम जून में देखने को मिलता है। इस बार पश्चिम के कुछ इलाकों में बारिश होने की वजह से उमस बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17 से 20 मई तक अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने के आसार हैं। वहीं, 20 मई के बाद तापमान में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिल सकती है।
-
ऐसे करें गर्मी से बचाव
1- लगातार थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और बेल का शरबत पीएं।
2- खीरा, ककड़ी, तरबूज और खरबूजा खाएं।
3- मसालेदार और भारी भोजन से बचें। यह पेट की गर्मी बढ़ाता है। दही और सलाद का सेवन करें।
4- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
5- उमस से त्वचा पर फंगल इन्फेक्शन हो सकता है, रोजाना दो बार नहाएं।
6- नहाने के पानी में टी-ट्री ऑयल या नींबू की बूंदें डाल सकते हैं।
7- घमौरियों से बचने के लिए एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।
8- कूलर को कमरे के अंदर न रखें, उसे खिड़की या दरवाजे पर लगाएं।
9- हल्के रंग के या ब्लैकआउट परदों का इस्तेमाल करें, ताकि धूप और गर्मी अंदर न आए।
10- दोपहर 12 से चार बजे के बीच बाहर न निकलें। अगर निकलना जरूरी हो तो सिर ढकें और पानी साथ रखें।