यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अधिवक्ता विष्णु निहारी तिवारी व कर्नल अशोक कुमार की याचिकाओं पर दिया है। याची का कहना था कि उन्होंने बहस पूरी कर ली है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2019मे 75 अधिवक्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता नामित करने के फुल कोर्ट के फैसले की वैधता की चुनौती याचिका की सुनवाई सात नवंबर 22 तक के लिए टाल दी गई है। कोर्ट ने कहा इसी मामले के बृहत्तर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। फैसला आने तक सुनवाई किया जाना सही नहीं होगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अधिवक्ता विष्णु निहारी तिवारी व कर्नल अशोक कुमार की याचिकाओं पर दिया है। याची का कहना था कि उन्होंने बहस पूरी कर ली है। हाईकोर्ट का पक्ष आने पर पूरक बहस करेंगे। 2021 से मामले में बहस चल रही है।
कोर्ट को इंद्रा साहनी केस के फैसले में दाखिल संशोधन अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर 2022 को आदेश जारी किया है। अभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई चल रही है, जिसका असर हाईकोर्ट की सुनवाई पर भी पड़ सकता है, इसलिए यहां की सुनवाई टाली जाय। कोर्ट ने कहा यदि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पहले आ जाता है तो याची कोर्ट की जानकारी में लाकर सुनवाई की मांग कर सकता है। अब अगली सुनवाई पर याची अधिवक्ता रोहित कुमार की बहस होगी। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता नामित करने में इंद्रा साहनी केस के फैसले का अनादर कर मनमानी करने का आरोप लगाया गया है।