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प्रयागराज : उमेश पाल अपहरण के मुकदमे की नहीं हो सकी सुनवाई, वकीलों की हड़ताल के चलते स्थगित

Wed, 01 Mar 2023 11:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल अपहरण के विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई बुधवार को भी नहीं हो सकी। जनपद न्यायालय के अधिवक्ताओं के लगातार तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मुकदमे की सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी गई।
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अतीक अहमद और उमेश पाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमेश पाल अपहरण के विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई बुधवार को भी नहीं हो सकी। जनपद न्यायालय के अधिवक्ताओं के लगातार तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मुकदमे की सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी गई। अब यह सुनवाई दो मार्च यानी बृहस्पतिवार को होगी। इस मुकदमे में मृतक उमेश पाल वादी और गवाह दोनों थे।

मुकदमे की पैरवी कर लौट रहे उमेश पाल की दिनदहाड़े गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई एमपीएमएलए के विशेष न्यायालय में हो रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य ने बताया कि अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नही हो सकी। अगले दिन यानी दो मार्च की तिथि सुनवाई हेतु नियत की गई है।

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असद के आत्मसमर्पण करने की आशंका पर पुलिस की रही घेराबंदी

उमेश पाल हत्याकांड में नामजद आरोपितों के आत्मसमर्पण करने की आशंका पर जिला कचहरी में बुधवार को भी पुलिस के जवानों की घेराबंदी रही। यह स्थिति देर शाम तक बनी रही। उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों में शामिल असद के आत्मसमर्पण की अफवाहें तीन दिनों से सोशल मीडिया सहित लोगों के बीच फैली हुई हैं। हालांकि, बुधवार तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। अफवाहों को देखते हुए पुलिस विभाग के कई बड़े अधिकारियों ने सुबह सीजेएम कोर्ट सहित अन्य न्यायालयों में इसकी जानकारी भी जुटाई। लेकिन, आत्मसमर्पण की अर्जी की पुष्टि नहीं हो सकी। अदालत ने भी आत्मसमर्पण के मामले में कोई अर्जी दाखिल होने या फिर विचाराधीन होने से साफ इंकार कर दिया। इसके बावजूद विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने सादे कपड़ों में सुबह नौ बजे से ही कचहरी में डेरा डाल रखा था।

माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता बेगम की अर्जी पर सुनवाई आज


उमेश पाल हत्या कांड के नामजद आरोपी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता बेगम की ओर से पेश की गई अर्जी पर बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम की कोर्ट में दोपहर दो बजे सुनवाई होगी। शाइस्ता के अधिवक्ता मनीष खन्ना और विजय मिश्रा के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने धूमनगंज थाने से रिपोर्ट तलब कर सुनवाई के लिए दो मार्च की तिथि नियत की है। शाइस्ता के अधिवक्ताओं की ओर से पेश की गई अर्जी में आरोप लगाया गया है कि धूमनगंज थाने की पुलिस शाइस्ता के दो बेटों को शुक्रवार की रात घर से उठाकर ले गई है और अभी तक उनका कोई पता नही चल पाया है। थाने की पुलिस के द्वारा कोई जानकारी प्रदान नही की जा रही है।

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कचहरी में तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य रहा ठप

उमेश पाल अधिवक्ता की हत्या के विरोध में बुधवार को लगातार तीसरे दिन जिला कचहरी में न्यायिक कार्य नहीं हुआ। बुधवार को भी जिला अधिवक्ता संघ ने प्रस्ताव पारित कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। सुबह 11 बजे अधिवक्ता संघ के सभागार में आम सभा आयोजित की गई। उसके बाद अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिलाधिकारी के मौजूद न रहने पर अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय ने अधिवक्ताओं से ज्ञापन लिया। अधिवक्ताओं की मांग थी कि आरोपितों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। पीडि़त परिवार को कम से कम पचास लाख रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान करें।

अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि जिस तरह दिनदहाड़े अधिवक्ताओं की हत्या की जा रही है, इससे अधिवक्ता समाज में भारी रोष व्याप्त है। विगत कई वर्षों से लगातार अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग प्रदेश सरकार से की जा रही है लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी। इस दौरान जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गिरीश तिवारी, मंत्री विद्या वारिद मिश्र, संयुक्त मंत्री रेवती रमण त्रिपाठी सोहगौरा, उपाध्यक्ष देव कांत शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र, उमाशंकर तिवारी, कृष्ण बिहारी तिवारी, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र रज्जू, प्रमोद सिंह नीरज, ऋषि शंकर द्विवेदी आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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