संदेह के आधार पर आरोपी बनाया गया
इलाहाबाद (पश्चिम) निर्वाचन क्षेत्र के तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में अहमद और उसके भाई अशरफ सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। गत 24 फरवरी को एक गवाह उमेश पाल की प्रयागराज में हत्या कर दी गई थी जिसमें अतीक अहमद की पत्नी, दो बेटों और भाई को 'मात्र संदेह' पर आरोपी बनाया गया है।
जीवन की रक्षा के लिए मांगे दिशा-निर्देश :अतीक ने रिट याचिका में जीवन की रक्षा के लिए दिशा-निर्देश मांगे हैं और यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि पुलिस हिरासत या पूछताछ के दौरान किसी भी तरह से उसे कोई शारीरिक चोट या नुकसान न हो। अतीक अहमद ने कहा है कि उसे यूपी में दर्ज मामले की सुनवाई के लिए गुजरात से बाहर नहीं भेजा जाए क्योंकि उसकी सुरक्षा और जान को खतरा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेशी की गुहार
याचिका में अहमदाबाद जेल से यूपी की जेल में प्रस्तावित ट्रांसफर का विरोध किया गया है। अतीक ने गुहार लगाई है कि अगर उसे यूपी ले भी जाया जाए तो केंद्रीय सुरक्षा बल की सुरक्षा में अन्यथा उसके मामलों का ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही हो।