मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। खंडपीठ ने मामले को स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद यूपी सरकार को छह नवंबर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को डेंगू, मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्तुत जानकारी को कोर्ट ने हलफनामा के जरिए दाखिल करने का निर्देश दिया और केस की सुनवाई 17 नवंबर नियत कर दी है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। खंडपीठ ने मामले को स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद यूपी सरकार को छह नवंबर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।
सोमवार को सुनवाई शुरू होते ही अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता एके गोयल ने कोर्ट को बताया कि मच्छर जनित बीमारियों के प्रकोप के संबंध में अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की ओर से जानकारी आई है। वह कोर्ट में यह रिपोर्ट प्रस्तुत करना चाहते हैं, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। कहा कि अपर निदेशक की रिपोर्ट को हलफनामे पर दाखिल किया जाए। कोर्ट ने इसके लिए समय दिया और 17 नवंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी।