प्रदेश में 2017 में विधानसभा के हुए चुनाव में टुंडला विधानसभा सीट को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। मामले में प्रत्याशी के निर्वाचन को लेकर चुनौती दी गई है। हालांकि, 2017 के चुनाव में निर्वाचित प्रत्याशी 2019 के लोक सभा के चुनाव में आगरा संसदीय सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं। इसके चलते अर्जी देकर याचिका को निष्फलित किए जाने की मांग की है। कोर्ट में बुधवार को विरोधी पक्ष ने अपनी बात रखी।
हाईकोर्ट प्रेमपाल सिंह बनाम सत्य पाल सिंह व 10 अन्य सहित दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। न्यायमूर्ति महेश चंद्र की कोर्ट ने मामले से जुड़े कई सवाल भी उठाए और विरोधी पक्ष को अपनी बात कहने का मौका दिया। विरोधी पक्ष के अधिवक्ता सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि सत्य पाल सिंह जो कि 2017 में विधान सभा सदस्य चुने गए थे। 2019 में आगरा
संसदीय सीट से लोक सभा का चुनाव लड़ा और जीत गए। इसके चलते उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। वे अब सांसद हैं और विधायक से कोई लेना-देना नहीं है। लिहाजा, याचिका अब पोषणीय नहीं रह गई है। विरोधी पक्ष के अधिवक्ता ने इस तरह के मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का हवाला भी कोर्ट के सामने रखा। कोर्ट ने विरोधी पक्ष के अधिवक्ता को सुनने के बाद याची पक्ष के अधिवक्ता को भी सुनना चाहा और मामले की सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि निर्धारित की। मामले में आरोप लगाया है कि टुंडला विधानसभा सीट एससी उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित थी लेकिन