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लेखपालों पर सख्ती शुरू, सात निलंबित

Fri, 13 Jul 2018 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एस्मा लगने बावजूद हड़ताल में शामिल लेखपालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को सात लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। ये सभी लेखपाल संघ के पदाधिकारी हैं। इनके अलावा नवनियुक्त 143 लेखपालों को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। ये अभी प्रोबेशन पर हैं। शुक्रवार को काम पर नहीं लौटे तो उनकी बर्खास्तगी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। हड़ताल खत्म नहीं हुई तो अन्य लेखपालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
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शासन ने हड़ताल पर गए लेखपालों के खिलाफ सख्ती का निर्देश दिया है। इसी क्रम में लेखपाल संघ के जिला मंत्री बारा के राजकुमार सागर, वहीं के अध्यक्ष राम चंद्र कुशवाहा, मत्री मुन्नीलाल, करछना तहसील के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, मंत्री सलिम अहमद, फूलपुर के अध्यक्ष बैजलाल तथा हंडिया तहसील संघ के अध्यक्ष केके सिंह को निलंबित कर दिया गया। सीआरओ जीएल शुक्ला ने बताया कि अन्य तहसील के एसडीएम को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को निलंबित होने वालों की सूची और लंबी होगी। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि शासन ने हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है। इसके बावजूद लेखपाल हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि  नए लेखपालों को भी नोटिस दिया गया है। वे काम पर नहीं लौटे तो उनकी बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

आठ सूत्रीय मांग को लेकर लेखपालों की हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रही। आंदोलन के क्रम में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले कलेक्ट्रेट में उनका जमावड़ा हुआ। इस दौरान हुई सभा में उन्होंने प्रशासन की कार्रवाइयों पर नाराजगी जताई तथा तेज आंदोलन की चेतावनी देते हुए आर-पार की लड़ाई की घोषणा की।
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लेखपालों की हड़ताल से तहसीलों में ज्यादातर काम बाधित हो गए हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र नहीं बनने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। फिलहाल लोगों को इससे राहत मिलने की भी उम्मीद नहीं दिख रही। प्रशासन की कार्रवाई से नाराज लेखपालों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है तो उनके समर्थन में कई अन्य संगठन भी आ गए हैं। संग्रह अमीन संघ, राजस्व निरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी परिषद, एटक आदि संगठन पहले ही लेखपालों की मांग का समर्थन कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से भी मुख्यमंत्री को इस बाबत पत्र लिखा गया है। उन्हाेंने लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की अपील की है। महासंघ जिलाध्यक्ष नरसिंह ने कहा कि लेखपालों के खिलाफ कार्र्रवाई हुई तो कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री कृष्ण चंद्र मिश्र ने भी पत्र लिखकर लेखपालों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने इस बाबत मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। एटक की बैठक में प्रशासन की निलंबन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई। कलेक्ट्रेट में हुई सभा तथा एटक की बैठक में राजेंद्र सिंह, राजकुमार सागर, अवनीश पांडेय, लालजी पाठक, राकेश यादव, अनूप श्रीवास्तव, रामसागर, मो.नसीम अंसारी आदि शामिल रहे।
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