जीएसटी अधिकरण गठन पर जवाब तलब
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से प्रयागराज में राज्य जीएसटी अधिकरण गठन के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही का जवाब मांगा है। पूछा है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद अधिकरण के गठन में देरी क्यों की जा रही है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य अधिकरण गठित न होने के कारण वादकारियों को नुकसान हो रहा है। वह विभागीय आदेशों के खिलाफ अधिकरण में जाने के बजाए हाईकोर्ट आ रहे हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से जीएसटी के मामले में हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं की संख्या पूछी है। याचिका की सुनवाई 21 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने कॉर्प मेडिटेक प्राइवेट लि. कंपनी सहित कई अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
याची के अधिवक्ता निशांत मिश्र का कहना था कि माल जब्ती कार्यवाही को लेकर बड़ी संख्या में याचिकाएं एकल पीठ के समक्ष विचाराधीन हैं। अधिकरण में अपील दाखिल करने का नियम है। अधिकरण के आदेश के विरुद्ध विधिक प्रश्नों को लेकर याचिका दाखिल हो सकती है। मगर, अधिकरण न होने से सीधे हाईकोर्ट आना पड़ रहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को अधिकरण गठन हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।