ज्योतिषाचार्य डॉ. अमिताभ गौर का कहना है कि हरतालिका तीज पर भगवान शिवजी की विधिवत पूजा करें। इस बार भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 17 सितंबर को सुबह 9.31 मिनट से प्रारंभ होकर 18 सितंबर सुबह 10.27 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि होने की वजह से हरतालिका तीज 18 सितंबर को ही मनाई जाएगी, लेकिन शिव जी और पार्वती जी की आराधना के लिए प्रदोष यानी शाम का समय सर्वोत्तम रहेगा।
महिलाओं के लिए इस वर्ष की तीज पर व्रत अत्यंत शुभकारी और विशेष फलदायी होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वर्ष हरतालिका तीज का व्रत रवि योग और इंद्र योग के संयोग से बन रहा है। यह विशेष इसलिए भी है क्योंकि इस बार तीज सोमवार को पड़ रही है, जो कि भगवान शिव को समर्पित है।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य डॉ. अमिताभ गौर का कहना है कि हरतालिका तीज पर भगवान शिवजी की विधिवत पूजा करें। इस बार भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 17 सितंबर को सुबह 9.31 मिनट से प्रारंभ होकर 18 सितंबर सुबह 10.27 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि होने की वजह से हरतालिका तीज 18 सितंबर को ही मनाई जाएगी, लेकिन शिव जी और पार्वती जी की आराधना के लिए प्रदोष यानी शाम का समय सर्वोत्तम रहेगा।
बता दें कि हरतालिका तीज हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ही मनाई जाती है। इस वर्ष यह 18 सितंबर को मनाई जाएगी। विवाहिता इस दिन 24 घंटे का निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। हरतालिका तीज भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। तृतीया तिथि को मिट्टी के शिवलिंग बनाकर उन्होंने महादेव की पूजा की। प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया।