गोपनीयता बनाए रखने की होती है जिम्मेदारी
प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर उसे प्रिंटिंग प्रेस में छपवाने तक और इसकी गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक पर ही होती। सिर्फ परीक्षा नियंत्रक को पता होता है कि प्रश्न पत्र किस प्रिंटिंग प्रेस में छप रहे हैं। ऐसे में जरा सी गलती परीक्षा नियंत्रक को मुसीबत में डाल सकती है।
इससे पहले तीन परीक्षा नियंत्रकों पर हुई कार्रवाई इसका जीता-जागता उदाहरण है। इससे पूर्व परीक्षा नियंत्रक रहे अजय कुमार तिवारी को आरओ/एआरओ पेपर लीक मामले में तीन मार्च को शासन ने पद से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था। आयोग ने अब तक आरओ/एआरओ पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की है। पुनर्परीक्षा की तिथि शीघ्र तय किए जाने और आयोग के कैलेंडर में प्रस्तावित परीक्षाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने का दबाव भी नए परीक्षा नियंत्रक पर होगा।