हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ही महिला अपराध के मामलों में रिपोर्ट दर्ज करने में देरी पर यूपी सरकार से जवाब तलब किया है। आदेश तो गाजियाबाद के एक मामले में दिया गया है, लेकिन जिले में भी स्थिति ठीक नहीं है। नवाबगंज में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लेकर महिला कई दिनों से भटक रही है लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई।
महिला के पति की मौत हो चुकी है और वह घरों में काम करती है। उसका आरोप है कि 19 जुलाई को वह अपने घर पर थी। रात आठ बजे के करीब एक कार व एक बाइक से छह लोग आए और जबरन घर में घुस गए। इसके बाद उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। भुक्तभोगी का कहना है कि घटना के कुछ देर बाद ही वह बेहोश हो गई और बाद में होश आने पर थाने पहुंचकर सूचना दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद से वह सीओ कार्यालय से लेकर तमाम अफसरों के कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुकी है। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उसका यह भी कहना है कि कार्रवाई न होने से दरिंदगी करने वाले उसे धमका भी रहे हैं। मामले में इंस्पेक्टर नवाबगंज राकेश कुमार राय का कहना है कि आरोप फर्जी हैं। मामला अफसरों की भी जानकारी में है।