यीशू मसीह के जन्मदिवस पर खुशी मनाते लोग।
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रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए गिरजाघरों में घास-फूस और रूई से बनी गोशालाओं की झांकियों के बीच शनिवार की आधी रात प्रभु यीशु का जन्म हो गया। बाइबिल पाठ के साथ कैरल सिंगिंग के जरिए यीशु के आगमन पर सामूहिक आराधना की गई। दया, करुणा, प्रेम के संदेशों को सुनाया गया। इसी के साथ क्रिसमस की खुशियां छा गईं। मानव कल्याण के लिए धरा पर प्रभु यीशु के आगमन के साथ ही आधी रात को लोग गिरजाघरों में उमड़ पड़े। गिरजाघरों से लेकर मसीही समुदाय में हर घर में प्रभु यीशु के आगमन की झांकियां और गोशालाएं सजाई गईं। गिरजाघरों में बाइबिल के पाठ के साथ ही बोन फायर और यीशु के मिस्सा बलिदान का संदेश दिया दिया।
आधी रात को मिडनाइट सर्विस के साथ ही प्रभु यीशु के जन्म का उत्सव छा गया। कैरोल सांग पर मसीही झूमते-थिरकते रहे। रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए सेंट जोसेफ कैथड्रल चर्च में सजी गोशाला के बीच प्रभु यीशु का जन्म हो गया। रात 11:30 बजे बजे मेन सेलिब्रेंट पादर लुइस मस्करेनस ने प्रभु यीशु केजन्मोत्सव पर प्रेम, दया, मानवता और जीवन के प्रकाश का संदेश दिया। इसके बाद बालक यीशु के आशीष से सबको नवाजा गया। इसके बाद फादर लुइस ने पल्ली पुरोहित हेरॉल्ड टारो, पादरी अनिल माइकल, पादरी जार्ज, केविल प्रधान, जोसेफ मास्कारेनेस के साथ मिलकर मिस्सा बलिदान चढ़ाया।