हज पर जाने के लिए अब तक केवल 371 जायरीनों ने आवेदन किया है। वहीं, पिछले साल शहर से कुल 783 ने हज यात्रा के लिए आवेदन किया था। खुद्दामे हज कमेटी कार्यालय में अब तक 280 यात्रियों ने आवेदन किया है, जबकि शेष आवेदन अन्य सेंटरों पर किए गए हैं। कमेटी के अनुसार इस साल हज पर जाने वाले जायरीन को कुल 3,60,348 रुपये का भुगतान करना होगा। यह रकम दो से तीन किस्त में ली जाएगी।
कमेटी के महासचिव हाजी मो. मोईन खान के मुताबिक हज के पंजीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक लोगों ने आवेदन अब तक नहीं किया है। अब तक पांच से सात सौ यात्रियों का आवेदन हो जाना चाहिए था।
नियम और यात्रा में आई अड़चन भी बड़ी वजह
आवेदन की संख्या घटने के पीछे महंगाई को बड़ी वजह जरूर बताई जा रही है, लेकिन पिछले साल यात्रा पर गए लोगों की मानें तो यात्रा के दौरान हुई समस्याएं भी एक प्रमुख वजह है। पिछले बार मिना और अराफात के मैदान में हज यात्रियों को बदइंतजामियों से भी जूझना पड़ा था।
वहीं, सउदी अरब में चलने वाली मुद्रा रियाल को भी अब हज यात्रियों को खुद ही बदलना पड़ता है। अधिकतर यात्री बुजुर्ग होते हैं, इसलिए इस समस्या से भी लोग जूझते रहे हैं। पहले सउदी में खर्च के लिए हज यात्रियों को रुपये मिलते थे, जिसे अब बंद कर दिया गया है। इसके अलावा इस बार के नियमों के मुताबिक हज का आवेदन करने वालों को कोविड का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा। कई लोगों के पास वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र नहीं है, जिससे वह आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
दिल्ली, मुंबई के मुकाबले लखनऊ से हज यात्रा महंगी
हज की यात्रा पर शहर से यात्री लखनऊ या वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरते थे। पिछले बार वाराणसी से हज की उड़ानें रद्द कर दी गईं। अब शहर के यात्री केवल लखनऊ से ही उड़ान भर रहे हैं। लखनऊ से हज की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को इस बार कुल 3.60 लाख रुपये जमा करने होंगे। वहीं, दिल्ली से हज पर जाने वालों को 3.44 लाख, बंगलूरू से जाने पर 3.09 लाख और मुंबई से हज की यात्रा पर जाने वालों को कुल 3.04 लाख रुपये भरने होंगे।