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बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका : पत्नी को पिता से मुक्त कराने के लिए युवक पहुंचा हाईकोर्ट

Fri, 06 May 2022 10:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने ऐश्वर्या दास के पति तुषार मित्रा की तरफ से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बहस की।
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हाईकोर्ट। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पत्नी को पिता से मुक्त कराने के लिए एक युवक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है। उसकी ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने एसएसपी प्रयागराज व एसएचओ जार्जटाउन को पिता की अवैध निरुद्धि में रह रही ऐश्वर्या दास की पेशी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। याची के पिता को नोटिस जारी कर उसे 27 मई को पेश करने का निर्देश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने ऐश्वर्या दास के पति तुषार मित्रा की तरफ से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बहस की। याची की ओर से कहा गया है कि दोनों की 23 अक्तूबर 2021 को शादी हुई है, लेकिन पिता दूसरा विवाह कराने के लिए उसकी पत्नी को दरभंगा कॉलोनी जार्जटाउन में अवैध रूप से निरुद्ध कर रखा है। याची संगम विहार हवेलियां झूंसी का निवासी है।

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