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Prayagraj News: दरकतीं दीवारों व टपकती छत के नीचे गुरुजी संवार रहे बच्चों का भविष्य

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हरिसेनगंज - प्राथमिक विद्यालय रामनगर उमरी में खस्ताहाल छत के नीचे पढ़ते नौनिहाल
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मऊआइमा विकास खंड में स्थित सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत शासन के दावों के बिल्कुल विपरीत है। सरकारी स्कूलों में लगातार घट रही छात्र छात्राओं की संख्या के पीछे न सिर्फ पठन पाठन का गिरता स्तर बल्कि विद्यालय भवनों की जर्जर हालत भी इसके लिए कम जिम्मेदार नही है। मऊआइमा विकास खंड में स्थित प्राथमिक विद्यालय राम नगर उमरी की इमारत की हालत इतनी खस्ताहाल है कि ग्रामीण अब इस स्कूल में अपने बच्चों को भेजने से कतराने लगे हैं और यहां की छात्र संख्या लगातार कम होते होते अब दो अंकों में आ गई है।
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मऊआइमा विकास खंड में स्थित प्राथमिक विद्यालय राम नगर उमरी के इमारत 2007 में बनाई गई थी। शुरुआती कुछ वर्षों तक यहां छात्र संख्या सैकड़ों में थी। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे जैसे पठन-पाठन के स्तर में गिरावट आई और विद्यालय की बिल्डिंग कमजोर होने लगी तो लोगों ने अपने बच्चों का नाम कटाकर प्राइवेट स्कूलों में दाखिला कराने लगे।
इस विद्यालय में वर्तमान छात्र संख्या 73 रह गई है। राम नगर उमरी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक सोमलता के अलावा तीन सहायक अध्यापक व एक शिक्षा मित्र की नियुक्ति है।भवन की हालत अत्यंत जर्जर हालत में है। कमरों की दीवारें जगह-जगह फट गई हैं। इसमें दरारें साफ दिखाई पड़ती हैं। छत के प्लास्टर भी आए दिन गिरते रहते हैं।
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यही नही तेज बरसात होने पर छत टपकने और कमरों में जलभराव के कारण अक्सर बच्चों को छुट्टी देनी पड़ती है। विद्यालय कक्ष के अलावा रसोईघर, शौचालय की हालत भी दयनीय बनी हुई है। जलनिकासी के अभाव में तेज बरसात होने पर विद्यालय प्रांगण तालाब में तब्दील हो जाता है।

क्लास रूम में ही बनता है मिड डे मील
विद्यालय में मिड डे मील के लिए किचन शेड न होने की वजह से क्लास रूम में ही चूल्हा जलाया जाता है। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में जून 2024 में बिजली कनेक्शन लिया गया था। लेकिन एक वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी तार नही जोड़ा गया। ऐसे में बिना लाइट और पंखे के ही कक्षाएं संचालित की जा रही है।
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी बदहाल

उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर उमरी भी खस्ताहाली के दौर से गुजर रहा है। बरसात के दिनों में बच्चे किसी तरह अगर स्कूल गेट तक पहुंच भी गए तो परिसर में जलभराव के कारण उन्हें कीचड़ और पानी से ही होकर कक्षाओं तक पहुंचा जा सकता है। 18 वर्ष पूर्व बनी विद्यालय की बिल्डिंग जर्जरावस्था में पहुंच चुकी है। वर्तमान में 57 बच्चे ही यहां पढ़ाई कर रहे हैं।


रामनगर उमरी प्राथमिक विद्यालय से अवगत हूं। इसे ध्वस्तीकरण की सूची में रखा गया है। उसके बाद नई बिल्डिंग का निर्माण कराया जाएगा।

विमलेश कुमार त्रिपाठी, खंड शिक्षा अधिकारी, विकास खंड मऊआइमा

हरिसेनगंज - प्राथमिक विद्यालय रामनगर उमरी में खस्ताहाल छत के नीचे पढ़ते नौनिहाल

हरिसेनगंज - प्राथमिक विद्यालय रामनगर उमरी में खस्ताहाल छत के नीचे पढ़ते नौनिहाल

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