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अभिभावकों ने जाना कि बच्चे को किस प्रकार समझाएं

Tue, 28 May 2019 10:17 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : Prayagraj
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मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश की ओर से बच्चों में बढ़ती असामंजस्ता तथा शैक्षिक उपलब्धि से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित परामर्श शिविर के दूसरे दिन 35 से अधिक छात्र-छात्राओं की समस्या सुनी गई। परामर्श शिविर में छात्र-छात्राएं स्वयं और अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित हुईं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक संजय सिन्हा ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि जब बच्चा कहता कि उसका स्कूल जाने का मन नहीं, अमुक कार्य नहीं करना है, किसी विषय विशेष में उसकी रूचि नहीं है वह गणित क्यों पढ़े, तो अभिभावकों के सामने समस्या आती है कि बच्चे को किस प्रकार समझाएं।

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शिविर के दूसरे दिन निदेशक एससीईआरटी ने कहा कि कि बच्चे में आवश्यकता से अधिक घबराहट होना, उसका किसी काम में मन न लगना, सुबह जल्दी न उठना, अचानक सुस्त रहने लगना, दूसरों पर शक करना, एक ही बात को बार-बार करना आदि समस्याएं मनोविज्ञानशाला में आयोजित शिविर में आए परामर्श प्रार्थियों पर मनोवैज्ञानिक परीक्षण से प्राप्त परिणाम से सामने आई। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि सही दिशा निर्देश नहीं मिलने से बच्चा बार-बार असफल होता है और उसका परिश्रम व्यर्थ जाता है, ऐसे में मनोविज्ञाशाला में मिले अवसर का लाभ उठाकर बच्चे को सही मार्गदर्शन दें। शिविर में एससीईआरटी के निदेशक का स्वागत मनोविज्ञाशाला की निदेशक उषा चंद्रा ने किया। शिविर प्रभारी कमलेश तिवारी के साथ मनोवैज्ञानिकों नीता गुप्ता, किरन राय, अमिता श्रीवास्तव, अर्चना भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं की समस्या सुनकर उनका चरण बद्घ तरीकेसे समाधान किया।

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