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कोरोना से लड़ाई पर भारी पड़ रही जीएसटी, सैनिटाइजर पर भी वसूला जा रहा 18 प्रतिशत टैक्स

Mon, 03 Aug 2020 12:09 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

वर्तमान शहर में होरही एक दिन की बिक्री का अनुमानित आंकड़ा
मास्क सभी तरह के - 15 से 20 हजार
सैनिटाइजर - 2500-3000 लीटर
पल्स ऑक्सीमीटर - 250-300
इंफ्रारेट थर्मामीटर- 300-350
हैंड ग्ल्बस - 8000-9000
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सैनिटाइजर - फोटो : Amar Ujala
कोरोना से लड़ाई पर जीएसटी भारी पड़ रही है। संकट की इस घड़ी में सैनिटाइजर, मास्क, थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर आदि की कई गुना तक बिक्री बढ़ गई है। मजबूरी में लोगों के घर के खर्च में इन सैनिटाइजर, मास्क, थर्मामीटर भी रोजमर्रा की चीजों में शामिल हो गए हैं।

मास्क को छोड़ दिया जाए तो इन सभी उपकरणों पर लोगों को 18 फीसदी जीएसटी देनी पड़ रही है। हर किसी की यही मांग है कि कोरोना से लड़ाई में आने वाली इन वस्तुओं के दाम कम हों, क्योंकि आम जीवन का हिस्सा बन चकी इन आवश्यक वस्तुओं से अगर जीएसटी शून्य हो जाए तो काफी हद तक लोगों को राहत मिल सकती है।
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Sanitizer - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना काल के पहले मास्क, सैनिटाइजर, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि चिकित्सीय उपकरण चिकित्सकों की क्लीनिक, नर्सिंगहोम, अस्पताल आदि में ही दिखते थे। लेकिन, कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण की वजह से अब इसमें से अधिकांश वस्तुएं लोगों के घरों की आवश्यक वस्तुओं में शामिल हो गई हैं। सरकार द्वारा सैनिटाइजर का दाम भले ही निर्धारित कर दिया हो, लेकिन अन्य वस्तुओं की मांग बढ़ने के साथ इनके दाम ज्यादा बढ़ गए हैं।

रही सही कसर जीएसटी ने पूरी कर दी है। वर्तमान समय में सैनिटाइजर की तकरीबन सभी की जेब में अब मौजूद है। इसमें 12 से 18 फीसदी तक की जीएसटी देनी पड़ रही है। 110 एमएल का सैनिटाइजर अगर बाजार में 55 रुपये का उपलब्ध है तो 18 फीसदी जीएसटी लगने से उसके दाम में दस रुपये की बढ़ोतरी हो जाती है।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
कुछ सैनिटाइजर ऐेसे भी हैं, जिसमें जीएसटी 12 फीसदी है। इसी तरह 1500 में मिलने वाला ऑक्सीमीटर से अगर 12 प्रतिशत की जीएसटी हट जाए तो इसका दाम 180 रुपये कम हो सकता है। जिले में जैसे-जैसे कोविड-19 के मरीज बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे पल्स ऑक्सीमीटर की डिमांड भी बढ़ती जा रही है।

इस समय प्रयागराज में इंफ्रारेड थर्मामीटर का प्रयोग तकरीबन सभी कार्यालय, बड़े शोरूम, मॉल, फैक्ट्री, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट आदि स्थानों पर हो रहा है। इसमें भी 18 फीसदी जीएसटी है। बाजार में अच्छी कंपनी के इंफ्रारेड थर्मामीटर 2500 से 3000 के बीच हैं, जबकि लोकल एवं चाइना मेड थर्मामीटर 1500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। यानी की अगर कोई किसी ब्रांडेड कंपनी का 2500 रुपये का थर्मामीटर खरीद रहा है तो उसमें जीएसटी के 450 रुपये भी शामिल है। उधर, मास्क की बात करें तो उसमें पांच फीसदी ही जीएसटी है।

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वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : iStock

सैनिटाइजर को जीएसटी से नहीं मिली है छूट

लीडर रोड स्थित सर्जिकल उत्पादों के विक्रेता अनूप जायसवाल बताते हैं कि मास्क पर पांच फीसदी, सैनिटाइजर पर 12-18 फीसदी, ऑक्सीमीटर पर 12 फीसदी जीएसटी है। चर्चा है कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने हैंड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु के रूप में शामिल किया था। लेेकिन, फिर भी इसे जीएसटी से छूट नहीं मिली। संगीता मेडिकल जीरोरोड के सचेत गोयल ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व पहले सैनिटाइजर एक माह से चार से छह पीस ही बिकता था, लेकिन अब सुरक्षा की दृष्टि से रिक्शे वाले भी आकर इसे खरीद रहे हैं। अगर जीएसटी हटता है तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

मित्तल केमिस्ट के लालू मित्तल ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर पर आइसोलेट होने के बाद ऑक्सीमीटर, इंफ्रा रेड थर्मामीटर आदि की मांग बढ़ी है। इसकी पूरी किट, जिसमें ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, मास्क थ्री प्लाई, स्टेराइल ग्लब्स, अश्वगंधा टेबलेट, गिलोय टेबलेट, सोडियमहाइपो क्लोराइड, लिमसीटेबलेट आदि उसमें शामिल है का दाम 5500 रुपये है। निश्चित ही अगर जीएसटी हटती है तो एक हजार रुपये के आसपास इस किट का दाम कम हो जाएगा।
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जीएसटी

हर दुकानदार पर दो से तीन हजार का बढ़ा अतिरिक्त बोझ

कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल बताते हैं कि कैट ने सरकार से मांग की थी कि कोविड-19 का बचाव ही इलाज है। इसलिए मास्क, सैनिटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि पर जीएसटी को शून्य किया जाए। वर्तमान समय में हर दुकानदार की बिक्री 40 से 50 फीसदी रह गई है। ऐसे में यह अतिरिक्त खर्च भी उस ग्राहक पर अपना विश्वास बनाए रखने के लिए वहन करना पड़ता है। दुकान सैनिटाइज करना, कर्मचारियों को नियमों का पालन करवाने आदि में काफी पैसा खर्च हो रहा है। एक अनुमान के मुुताबिक औसतन एक दुकानदार का दो से तीन हजार तक का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है। यदि सरकार जीएसटी जीरो करती है तो दुकानदार ही नहीं, आम लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा।
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