जीएसटी काउंसिल की 28 वीं बैठक में कई उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम करने का असर शहर के बाजार में दिखने लगा है। टीवी, वॉशिंग मशीन, फ्रिज आदि के दाम में 200 से 2500 हजार तक की कमी आई है। जीएसटी घटने के बाद कई नामी कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम में पांच से दस प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। इसका सीधा फायदा ग्राहक अब उठाने लगे हैं।
राजरूपपुर के राजीव श्रीवास्तव 25 जुलाई को वॉशिंग मशीन खरीदने के लिए सिविल लाइंस गए। उन्होंने एक वॉशिंग मशीन पसंद भी की। उसका दाम कम करवाने के लिए संबंधित दुकानदार से उन्होंने काफी मोलभाव किया। बात नहीं बनी तो वे लौट आए। अब 27 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक में टीवी , फ्रिज, वॉशिंग मशीन आदि उत्पादों का स्लैब 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत कर दिए जाने की वजह से इन उत्पादों के दाम में 200 से दो हजार रुपये की गिरावट आ गई है। इसका फायदा राजीव ने भी लिया। उन्होंने जो वॉशिंग मशीन पूर्व में पसंद की थी, उसमें उन्हें स्वत: ही जीएसटी घटने से 1800 रुपये की छूट मिल गई। इलाहाबाद इलेक्ट्रानिक एसोसिएशन के अध्यक्ष शशांक जैन का कहना है कि 27 इंच तक वाले टीवी को 28 प्रतिशत वाले टैक्स स्लैब से हटाकर 18 प्रतिशत में किया गया है। उन्होंने बताया कि तमाम इलेक्ट्रानिक उत्पादों में दस प्रतिशत जीएसटी घटने से टीवी के दाम में पांच से आठ प्रतिशत कम हुए हैं। इसी तरह फ्रिज और वॉशिंग मशीन का स्लैब दस प्रतिशत घटने से निर्माता कंपनियों ने ही उसके दाम में अधिकतम आठ प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। काउंसिल की बैठक के बाद ही इन इलेक्ट्रानिक आइटम के दाम में कटौती हो गई है।
इनके दाम हुए कम
आइटम पहले कुल कमी
वॉशिंग मशीन 6500-30 हजार तक 500 से 2000 रुपये तक
27 इंच तक का टीवी सात से 15 हजार 600 से 1200 तक
फ्रिज दस हजार से 60 हजार तक 500 से 7500 रुपये तक
मिक्सी 1500 से पांच हजार तक 200 से 700 रुपये तक
सैनेटरी नैपकिन जीएसटी के दायरे से बाहर होने से उसके दाम में भी काफी कमी आई है। मेडिकल कारोबारी अनूप जायसवाल ने बताया कि इस समय 30 रुपये से 150 रुपये तक के पैड उपलब्ध हैं। इसमें 12 प्रतिशत टैक्स हटा है। इस तरह से तीन रुपये से 20 रुपये तक इसका दाम कम हुआ है।
जीएसटी के उच्च स्लैब में पहले 226 वस्तुएं थी, लेकिन अब भी 35 वस्तुए 28 प्रतिशत के ही स्लैब में है। इसमें एसी, डिजिटल कैमरा, सीमेंट, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, टायर, पान मसाला आदि प्रमुख रूप से शामिल है। सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा का कहना है कि ऑटोमोबाइल पार्ट्स का जीएसटी स्लैब घटाने की मांग कई बार की गई है।