हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनको जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। राकेश धर पर आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।
इस मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद पूर्व मंत्री को वाराणसी की विशेष अदालत भ्रष्टाचार निवारण के समक्ष सरेंडर करना पड़ा था। विशेष अदालत ने उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद 14 नवंबर 2016 को अर्जी खारिज करते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की। अर्जी पर न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा ने सुनवाई की।
राकेश धर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश त्रिवेदी ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि याची के खिलाफ लगे आरोपों में जांच सही तरीके से नहीं की गई। उनकी आय की गणना गलत हुई है। उनके खिलाफ इलाहाबाद के मुट्ठीगंज थाने में मुकदमा दर्ज है। विजिलेंस ने जांच के बाद 150 करोड़ रुपये की संपत्ति बताते हुए चार्जशीट दाखिल की है, जबकि वास्तविकता यह है कि इसमें परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्ति को भी शामिल कर लिया गया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद राकेश धर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।