गंगातट पर स्थित नागवासुकि मंदिर के लिए 5.43 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इस मंदिर के जीर्णोद्धार पर 2.83 करोड़ रुपये अलग से खर्च करने का प्रस्ताव है। इसी तरह दशाश्वमेध मंदिर के लिए 6.68 करोड़ रुपये, मनकामेश्वर मंदिर के लिए सात करोड़ रुपये, अलोपशंकरी माता मंदिर के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
फाफामऊ के पास स्थित महाभारतकालीन पडिला महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह पंचकोसी परिक्रमा पथ पर आने वाले मंदिरों के लिए पांच करोड़ रुपये, कोटेश्वर महादेव मंदिर के लिए 1.5 करोड़ रुपये और कल्याणी देवी मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
करछना क्षेत्र के मंदिरों को भी 4.6 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। अकबर के किले में स्थित अक्षयवट, सरस्वती कूप और पातालपुरी मंदिर में 18.5 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। इन पौराणिक महत्व के तीर्थों के लिए योगी सरकार की ओर से 10 से अधिक विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
अक्षयवट, सरस्वती कूप के सामने के हिस्से के विकास पर 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने की उम्मीद है। इसी तरह सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर में भी दो करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास से संबंधित कार्य कराए जाएंगे।