युवा और महिला शक्ति से भारत विश्व गुरु बनेगा। देश को आगे ले जाना है और सशक्त बनाना है। इस दिशा में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान तेजी से कार्य कर रहा है। यह बात राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शनिवार को विद्या भारती की ओर से ज्वाला देवी विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव में कही।
राज्यपाल ने कहा कि युवा पीढ़ी को आजादी का इतिहास बताने की जरूरत है। इसके लिए एक ड्रामा तैयार किया जाना चाहिए और इसके माध्यम से युवाओं को बताना चाहिए कि आजादी के नायक कौन रहे और देश के लिए उन्होंने किस तरह से अपनी शहादत दी। राज्यपाल ने युवाओं के साथ महिलाओं को भी देश की प्रगति का महत्वपूर्ण अंग बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में कर्मयोग, भक्तियोग एवं ज्ञानयोग तीनों पाया जाता है और इन तीनों के समन्वय से घर चलता है। विद्या भारती में भी ज्यादातर टीचर्स महिलाएं हैं और यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि विद्या भारती की सफलता के पीछे भी महिलाएं हैं। एक वक्त था, जब महलाओं के प्रति हमारी सोच बहुत ही सीमित थी, उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था, पति पीटता था, सम्मान नहीं मिलता था।
यह सोच धीमे-धीमे बदल रही है। भारत सरकार ने स्वयं सहायता समूह बनवाए। जिन महिलाओं को घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था, वे अब अपना रोजगार और परिवार चला रहीं हैं। किसी भी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चले जाएं। गोल्ड मेडल पाने वालों में 60 से 70 फीसदी बेटियां होती हैं। यही बदलाव भारत को तेजी से आगे ले जा रहा है।